अरधै जाता उरधै धरै, कांम दगध जे जोगी करे I
तजै अल्यंगन काटै माया, ताका बिसनु पशालै पाया II
नीचे की गति वाले रेतस (शुक्र) को ऊपर की और प्रेरित करे, ऐसा उर्ध्वरेता होकर जो काम को भस्म कर देता हे, कामिनी का आलिंगन छोड़ देता हे और माया को काट डालता है I जिसके चरण पखारने से गंगा निकलती हे, वह विष्णु भी उस जोगी के चरण धोता है I
तजै अल्यंगन काटै माया, ताका बिसनु पशालै पाया II
नीचे की गति वाले रेतस (शुक्र) को ऊपर की और प्रेरित करे, ऐसा उर्ध्वरेता होकर जो काम को भस्म कर देता हे, कामिनी का आलिंगन छोड़ देता हे और माया को काट डालता है I जिसके चरण पखारने से गंगा निकलती हे, वह विष्णु भी उस जोगी के चरण धोता है I
बहुत बहुत धन्यावाद
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