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Gorakh-Baani( Sabdi-26)

मरौ वे जोगी मरौ, मरण है मीठा I  तिस मरणी मरौ, जिस मरणी गोरष मरि दीठा II  है जोगी !  मरो, मरण मीठा होता है I  किन्तु वह मौत मरो जिस मौत ...

Saturday, June 15, 2013

Gorakh-Baani(Sabdi-7)

हसिबा षेलिबा रहीबा रंग, काम क्रोध न करीबा संग I 
हसिबा षेलिबा गाइबा गीत, दिढ़ करि राशि आपना चीत I 


हँसना चाहिए, खेलना चाहिए, मस्त रहना चाहिए किन्तु कभी काम क्रोध का साथ न करना चाहिए I हँसना, खेलना और गीत  गाना चाहिए I किन्तु अपने चित्त को दृढ़ करके रखना चाहिए II 7 II 

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