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Gorakh-Baani( Sabdi-26)

मरौ वे जोगी मरौ, मरण है मीठा I  तिस मरणी मरौ, जिस मरणी गोरष मरि दीठा II  है जोगी !  मरो, मरण मीठा होता है I  किन्तु वह मौत मरो जिस मौत ...

Friday, June 14, 2013

Gorakh-Baani(Sabdi-6)

वेदे न सास्त्रे कतेबे न कुराणे पुस्तके न बंच्या जाई I 
ते पद जाना बिरला जोगी और दुनी सब धंधे लाई II ६II 


वेदों, शास्त्रों -किताबी धर्म की किताबों , कुरान आदि ग्रंथो में जिस पर-ब्रह्मपद का वर्णन नहीं पढ़ा जा सकता, 
उस पद को बिरले योगी जानते है I बाकी दुनिया तो माया में लिप्त होकर धंधो ही में लगी रहती है I 

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