पंथबिन चलिबा अगनि बिन जलिबा, अनिल तृषा जहटिया I
ससंबेद श्री गुरु गोरष नाथ कहिया बूझिल्यौ पंडित पढिया II
मार्ग के बिना चलना, अग्नि के बिना जलना, वायु से प्यास का बुझना ( ठगा जाना ) - यह केवल अनुभव से जानने के योग्य है I यह अपना अनुभव ज्ञान गुरु गोरखनाथ ने कहा है, हे पंडितो इसको समझो II
ससंबेद श्री गुरु गोरष नाथ कहिया बूझिल्यौ पंडित पढिया II
मार्ग के बिना चलना, अग्नि के बिना जलना, वायु से प्यास का बुझना ( ठगा जाना ) - यह केवल अनुभव से जानने के योग्य है I यह अपना अनुभव ज्ञान गुरु गोरखनाथ ने कहा है, हे पंडितो इसको समझो II
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